कुश्ती
आठ पदक, शून्य स्वर्ण: पेरिस की तराज़ू से झज्जर के अखाड़े तक का बहीखातासात अगस्त 2026 की सुबह, पेरिस के ओलंपिक गाँव के वज़न-कक्ष में तराज़ू ने जो...
नीलामी की पट्टी से अखाड़े की मिट्टी तक: भारतीय कुश्ती का असली बाज़ार कहाँ हैनवंबर 2026 की एक दोपहर, दिल्ली के एक होटल के बॉलरूम में तीन घंटे के भीतर साठ ...
अखाड़े से मैट तक: भारतीय कुश्ती का वह नक्शा जिसे फेडरेशन के दस्तावेज़ नहीं ढूँढ पातेनई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सुबह ठीक छह बजे वह दृश्य मुझे आज...
तराज़ू के पार: सौ ग्राम, दो दिन और कुश्ती का अधूरा सुधारसात अगस्त 2026 की सुबह पेरिस के ओलंपिक गाँव के वज़न-कक्ष में तराज़ू ने पचास...
दूसरे दिन की तराज़ू: कुश्ती का सबसे मुश्किल मुक़ाबला मैट पर नहीं, सुबह 5:30 बजे होता हैछह अगस्त 2026 की रात, दिल्ली के एक स्टूडियो में, मैं विनेश फोगाट का 50 किग्रा...
पेरिस 2026 की कुश्ती बहीखाता: छह पहलवान, एक पदक और तराज़ू पर तय हुआ एक करियरसात अगस्त 2026 की सुबह, पेरिस ओलंपिक गाँव के तराज़ू कमरे में जो संख्या निकली ...
सौ ग्राम का दस्तावेज़: भारतीय कुश्ती में नतीजा मैट से पहले तौल कक्ष में तय होता हैरोहतक के एक अखाड़े में सुबह पाँच बजकर दस मिनट पर ज़मीन पर प्लास्टिक की कुर्सी...
एक ही धारा, तीन संस्करण: भारतीय कुश्ती के चयन मानदंडों का पाँच साल का दस्तावेज़ी लेखाजून 2026 में मेरे डेस्क पर दो पन्ने आए। दोनों एक ही दस्तावेज़ के संस्करण थे —...
आठ पदक, नौ किलो का दायरा: भारतीय कुश्ती की सीमा मैट पर नहीं, तौल पर्ची पर तय होती हैपेरिस में सात अगस्त 2026 की शाम एक्रेडिटेशन कतार में खड़े होकर मुझे जो पहला...
